बावरा बिछड़ा पराये देस
बावरा बिछड़ा पराये देस
आनन् धीरज धारण , अन्तर्निहित सघन कलेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
क्षण क्षण हँसे , भरमाये , मुस्काये
छल जाए , चक्षु जल , गुप्त संदेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
रंग चोखा , गाढ़ा , स्वयं का
फीकी बहार हर बयार , भली चढ़ा भेस पे भेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
मौन की भाषा न लिखित न कथित
भांपे जो हो हरस , ना जानो , नहीं खेद
बावरा बिछड़ा पराये देस .
छलिया घाना भोला
है ना काहू से दोस्ती , ना काहू से द्वेष
बावरा बिछड़ा पराये देस ||
आनन् धीरज धारण , अन्तर्निहित सघन कलेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
क्षण क्षण हँसे , भरमाये , मुस्काये
छल जाए , चक्षु जल , गुप्त संदेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
रंग चोखा , गाढ़ा , स्वयं का
फीकी बहार हर बयार , भली चढ़ा भेस पे भेस
बावरा बिछड़ा पराये देस .
मौन की भाषा न लिखित न कथित
भांपे जो हो हरस , ना जानो , नहीं खेद
बावरा बिछड़ा पराये देस .
छलिया घाना भोला
है ना काहू से दोस्ती , ना काहू से द्वेष
बावरा बिछड़ा पराये देस ||
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